‘शिवानी कलमेकर फर्जी हत्याकांड’ में बुलढ़ाणा पुलिस का काम बेहद शर्मनाक- देवेंद्र फड़णवीस

शिवानी कलमेकर

महाराष्ट्र के बुलढ़ाणा जिले के जलगांव जामोद में ‘शिवानी कलमेकर फर्जी हत्याकांड’ में पुलिस ने उसके पिता और भाई को गिरफ्तार किया था। लेकिन कुछ दिनों बाद शिवानी कलमेकर स्वयं जीवित अवस्था में पुलिस के सामने पेश हो गई। इससे पुलिस अधिकारियों को निलंबन का सामना करना पड़ा। राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) सदानन्द दाते ने भी स्वीकार किया था कि इस मामले में पुलिस से गंभीर गलती हुई है। आज, मंगलवार को मानसून सत्र के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने भी इस मामले पर बोलते हुए माना कि पुलिस से गंभीर चूक हुई है।

वर्तमान में चल रहे मानसून सत्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने शिवानी कलमेकर मामले का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने एक निर्दोष परिवार को उनकी बेटी की हत्या के मामले में फंसाने की कोशिश की। परिवार पर दबाव बनाए जाने की बातें भी मीडिया में सामने आई हैं। संबंधित अधिकारियों को निलंबित किया गया है, लेकिन इससे भी कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें सेवा से बर्खास्त किया जाना चाहिए, ताकि एक सख्त संदेश जाए।

रोहित पवार की इस मांग पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने जवाब देते हुए कहा कि रोहित पवार ने सही तथ्य रखे हैं। उन्होंने कहा- पुलिस ने बेहद शर्मनाक काम किया है। एक लापता लड़की का मामला था। एक शव मिला और बिना किसी वैज्ञानिक रिपोर्ट के उसे उसी लड़की का शव घोषित कर दिया गया। इसके बाद पुलिस ने उसके पिता और भाई को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। बाद में वही लड़की जीवित अवस्था में पुलिस के सामने आ गई, जिसके बाद उन्हें छोड़ना पड़ा। पुलिस का यह काम अत्यंत शर्मनाक है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने आगे बताया कि आधुनिक तकनीक की मदद से अब उस अज्ञात शव की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। इस मामले से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई भी की जाएगी। जिन अधिकारियों की इस मामले में प्रत्यक्ष भूमिका साबित होगी, उन्हें सेवा से बर्खास्त किया जाएगा। साथ ही, पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि विभागीय जांच तीन महीने के भीतर पूरी कर ली जाएगी।

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